छत्तीसगढ़

सुरक्षा बलों को दोहरी सफलता: इनामी नक्सली गिरफ्तार, हथियार-विद्युत विस्फोटक बरामद

Shantanu Roy
8 Nov 2025 11:23 PM IST
सुरक्षा बलों को दोहरी सफलता: इनामी नक्सली गिरफ्तार, हथियार-विद्युत विस्फोटक बरामद
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Sukma/Bijapur. सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने 5 लाख रुपये के इनामी दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया, जबकि बीजापुर जिले में जवानों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इन घटनाओं ने राज्य में एंटी नक्सल ऑपरेशन की प्रभावशीलता को उजागर किया है और यह संदेश दिया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ तैनात हैं।
सुकमा में इनामी नक्सली गिरफ्तार
सुकमा जिले के थाना चिंतलनार क्षेत्र में डीआरजी सुकमा, थाना चिंतलनार और 203 कोबरा की संयुक्त टीम ने माओवादी संगठन से जुड़े दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया। दोनों नक्सली गोमगुड़ा इलाके में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट करने की योजना बना रहे थे। सुरक्षाबलों ने समय रहते घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार नक्सलियों में से एक पर 3 लाख रुपये और दूसरे पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है और दोनों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। सुरक्षा बलों ने बताया कि दोनों आरोपी थाना पामेड़, जिला बीजापुर के निवासी हैं। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से बरामद सामग्री से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे बड़े स्तर पर हमले की योजना बना रहे थे।
बीजापुर में हथियारों और विस्फोटक बरामद
वहीं बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुजारी कांकेर में 196 बटालियन की फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) स्थापित की गई है। शनिवार को 196 बटालियन और डीआरजी के जवान पुजारी कांकेर-03 के उत्तर-पश्चिम जंगलों में ऑपरेशन पर निकले। जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन में गाड़े गए भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए। इनमें बीजीएल लांचर (01), बीजीएल सेल (09), प्राथमिक कारतूस (08) और कोबरा पैटर्न पाउच (01) शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने मौके पर सतर्कता और सूझबूझ से इन सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया।
सरकार और पुलिस का सतत प्रयास
छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों को खदेड़कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बलों का सतत और सघन ऑपरेशन नक्सलियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने में प्रभावी साबित हो रहा है। सुरक्षा बलों ने बताया कि सुकमा और बीजापुर में की गई कार्रवाई राज्य में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन की सफलता को दर्शाती है। सुकमा में गिरफ्तार नक्सली विस्फोटक तैयार करने में लगे थे, जबकि बीजापुर में बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री बड़े हमलों की तैयारी का संकेत देते थे। दोनों ही घटनाओं में सुरक्षा बलों की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की सक्रियता
सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में डीआरजी, 203 कोबरा और 196 बटालियन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में गहन सतर्कता के साथ नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की। इस तरह की कार्रवाई से न केवल नक्सली संगठन कमजोर हुए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह की सघन और रणनीतिक कार्रवाई भविष्य में बड़े हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगी। इन सफलताओं से यह संदेश भी गया है कि सुरक्षा बल हर परिस्थिति में तैयार हैं और नक्सली साजिशों को नाकाम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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